अध्याय 4: परिवार की समझ
विक्रम ने अपने माता-पिता को बताया। उन्होंने कहा, "अगर तुम्हें सच में प्यार है, तो उसके परिवार से मिलो।" विक्रम जोधपुर गया। उसने गीता के पिताजी से कहा, "मैं आपकी बेटी से प्यार करता हूँ। मैं उसे खुश रखूँगा।" शुरू में उन्होंने मना किया। पर विक्रम के पिताजी भी आए। दोनों परिवारों ने बात की। गीता के पिताजी ने देखा कि विक्रम के परिवार में रिस्पेक्ट है।