अध्याय 5: धर्म की विजय
अंततः सच्चाई सामने आई। राजनेता के अपराध साबित हुए। लोगों ने अभय को नहीं, बल्कि धर्म को अपनाया। अभय ने कहा, "मैं कोई भगवान नहीं हूँ। भगवान सबके अंदर है। अपने कर्मों को शुद्ध करो, वो आपको मोक्ष तक ले जाएंगे।" उसके बाद अभय फिर से एक साधारण जीवन जीने लगा। लोगों ने उसे नहीं, उसके संदेश को अपनाया। धर्म की फिर से स्थापना हुई।