अध्याय 1: अंधेरे का आगमन

वर्ष 2030। दुनिया बदल चुकी थी। लोगों ने धर्म को भूल दिया था। अत्याचार बढ़ गया था। गरीब और अमीर के बीच की खाई गहरी हो गई थी। दिल्ली में एक साधारण आदमी रहता था, नाम था अभय। उसे हमेशा एक अजीब अहसास होता था, जैसे वो कुछ खास है। उसके हाथ में एक विशेष निशान था, शंख के आकार का। लोग उसे अजीब देखते थे, पर वो कभी किसी से घबराता नहीं था। उसकी आँखों में एक दिव्य चमक थी।

📚 सभी अध्याय (5)