अध्याय 4: महासंग्राम

राजनेता ने अभय के खिलाफ़ षड्यंत्र रचा। मीडिया में झूठे आरोप लगाए। लोगों को भ्रमित किया। अभय चुप रहा। पर जब उसने देखा कि अत्याचार बढ़ रहा है, तो उसने अपनी असली शक्ति प्रकट की। एक रात, जब राजनेता ने एक गाँव को जलाने का हुक्म दिया, अभय वहाँ पहुँचा। उसके हाथों से दिव्य चमक निकली। अग्नि बुझ गई। राजनेता की सेना डर गई।

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