अध्याय 5: वीर की अमर गाथा
अमन को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उसकी माँ ने कहा, "मेरा बेटा अमर रहेगा।" उसकी कहानी सेना में पढ़ाई जाती है। सीमा पर तैनात हर जवान उसे सलाम करता है। अमन ने दिखाया कि देश के लिए कुर्बानी का मतलब क्या होता है। आज भी उसका बंकर उसी हालत में रखा गया है। वो अमर है, हर सैनिक के दिल में।