सीमा के पार
अध्याय 1 / 5

अध्याय 1: सीमा की पहली रात

कारगिल सेक्टर, लद्दाख। यहाँ की ठंड आँखों को बर्फ़ से ढाल देती है। कैप्टन अमन यहाँ नया आया था। उसके पिता भी सेना में थे, उन्होंने 1971 की जंग लड़ी थी। अमन के दिल में देश के लिए जोश था। पहली रात उसने बंकर में बैठकर सीमा की रेखा देखी। वो जानता था कि सामने दुश्मन है। पर उसकी नींद नहीं आ रही थी। उसने अपनी डायरी में लिखा, "माँ, मैं आपकी नींद की ज़िम्मेदारी ले रहा हूँ।"

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